ज्ञान, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध राजकीय महाविद्यालय।
यह महाविद्यालय प्रकृति प्रेम एवं रमणीय वातावरण में स्थित है और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है।
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा पूर्व के ब्रिटिशकालीन क्विंश कालेज तथा म्योर कालेज के सादृश्य आदर्श महाविद्यालय की कल्पना को मूर्त स्वरूप प्रदान करने के लिए इस राजकीय महाविद्यालय की स्थापना की गई | इस महाविद्यालय की स्थापना १९ नवंबर १९७९ में हुई | तमसा नदी के किनारे महर्षि देवल की तपोभूमि पर प्रकृति प्रेम के एवं रमणीय वातावरण में स्थित इस महाविद्यालय की स्थापना का श्रेय स्व. श्री रामनरेश यादव जी पूर्व मुख्यमंत्री उ० प्र० शासन लखनऊ की असीम विद्यानुराग एवं शैक्षिक मनोवृत्त तथा स्व. श्री राजाराम गुप्त पूर्व अध्यक्ष नगर पंचायत मुहम्मदाबाद गोहना मऊ को जाता है | इसी क्रम में महाविद्यालय में स्नातक स्तर पर मनोविज्ञान, सैन्य विज्ञान, भूगोल, गृह विज्ञान, उर्दू, शिक्षा शास्त्र, प्राणी विज्ञान, वनस्पति विज्ञान तथा स्नातकोत्तर स्तर पर समाजशास्त्र, अर्थ शास्त्र, राजनीति शास्त्र, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान एवं गणित विषयों में शिक्षण का श्रेय स्व. पंचानन राय जी को जाता है | पिछले कई वर्षों से शिक्षक-शिक्षार्थियों के मध्य आत्मीय सम्बन्ध तथा योग्य एवं अनुभवी शिक्षकों के द्वारा अध्यापन के कारण महाविद्यालय ने शिक्षार्थियों को अपनी ओर आकृष्ट किया है | मुहम्मदाबाद गोहना, मऊ से २४ किमी पश्चिम एवं आजमगढ़ से २३ किमी पूरब में मऊ-बलिया रोड पर स्थित है | सड़क मार्ग से यह स्थान वाराणसी, आजमगढ़, इलाहाबाद, लखनऊ, गोरखपुर, गाजीपुर जैसे महानगरों से जुड़ा है | रेल मार्ग से पूर्वोत्तर रेलवे से मऊ, बलिया, शाहगंज मार्ग पर स्थित मुहम्मदाबाद रेलवे स्टेशन पर उतरकर रिक्शा अथवा पैदल इस महाविद्यालय तक पहुंचा जा सकता है | उक्त रेलवे स्टेशन से महाविद्यालय की दूरी लगभग १ किमी है | महाविद्यालय परिवार में ३६ अध्यापक एवं ३१ शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का पद सृजित है | कला एवं विज्ञान में स्नातक स्तर पर १९ एवं स्नातकोत्तर स्तर पर ७ विषयों में अध्यापन की सुविधा प्राप्त है |
महाविद्यालय की स्थापना उच्च शिक्षा के आदर्श संस्थान के रूप में हुई।
स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर विभिन्न विषयों में शिक्षण सुविधा विकसित हुई।
अनुभवी शिक्षकों, अनुशासन और समर्पण से महाविद्यालय निरंतर प्रगति कर रहा है।